जालंधर, 27 सितम्बर 2025 — पंजाब यूथ कांग्रेस के सचिव अंगद दत्ता ने आज केंद्र सरकार और पंजाब सरकार दोनों की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया।
अंगद दत्ता ने कहा, “जब पंजाब के लोग आज़ादी के बाद की सबसे भयंकर बाढ़ से जूझ रहे हैं, मोदी सरकार बिहार की महिलाओं को ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत ₹10,000 की सहायता राशि दे रही है। यह लगभग ₹7,500 करोड़ बनता है। वहीं पंजाब, जहाँ करोड़ों का नुकसान हुआ है, वहाँ सिर्फ ₹1,600 करोड़ की राहत राशि दी गई है। यह पंजाब के साथ सीधा भेदभाव है।”
उन्होंने आगे कहा, “पंजाब सरकार की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार राज्य को अब तक लगभग ₹13,289 करोड़ का नुकसान हुआ है। 2,000 से अधिक गांव डूब चुके हैं, 3.5 लाख एकड़ से अधिक खेती नष्ट हो चुकी है और दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है। इन हालात में सिर्फ ₹1,600 करोड़ देना मज़ाक से कम नहीं है।”
दत्ता ने पंजाब सरकार को भी कटघरे में खड़ा करते हुए कहा, “पंजाब सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव द्वारा प्रधानमंत्री के साथ बैठक और बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस में ₹12,500 करोड़ SDRF फंड की जो बात कही गई थी, वह असल में क्या है? यह पैसा कहाँ है और अब तक कितना जारी हुआ है? पंजाब की जनता को पारदर्शिता चाहिए।”
उन्होंने मोदी सरकार को भी “राजनीतिक भेदभाव” के लिए जिम्मेदार ठहराया और कहा, “बिहार में चुनावों को देखते हुए वहां की महिलाओं को करोड़ों की सहायता बांटी जा रही है, जबकि पंजाब—जहाँ आम आदमी पार्टी की सरकार है—उसे जानबूझकर नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। यह लोकतंत्र नहीं, बल्कि राजनीतिक सौदेबाज़ी है।”
अंगद दत्ता ने केंद्र सरकार से तुरंत पर्याप्त राहत राशि जारी करने की मांग की, ताकि—
1. किसानों, मज़दूरों और प्रभावित परिवारों को मुआवज़ा दिया जा सके।
2. गांवों का बुनियादी ढाँचा, स्कूल, अस्पताल और घरों का पुनर्निर्माण हो।
3. पशुधन, कृषि और पुनर्वास के लिए सही सहायता दी जा सके।
उन्होंने कहा, “पंजाब को न्याय चाहिए। केंद्र और राज्य दोनों को जवाब देना होगा और तुरंत कार्रवाई करनी होगी, वरना हालात और बिगड़ेंगे।







