जालंधर: पंजाब के वरिष्ठ नेता और मंत्री कुलदीप धालीवाल ने अकाली दल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस पार्टी ने पहले आतंकवाद की भट्ठी में युवाओं को झोंका और अब गैंगस्टरों से गठबंधन कर पंजाब सरकार की सुरक्षा और शांति को खतरे में डालने का काम कर रही है। धालीवाल ने इस मामले में कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि अकाली दल ने हमेशा अपनी सत्ता को बनाए रखने के लिए राजनीतिक अस्थिरता और आतंकवाद को बढ़ावा दिया, जिससे राज्य में संगठित अपराध (organized crime) और पंजाब हिंसा (Punjab violence) बढ़ी। उन्होंने कहा कि यह गैंगस्टर गठबंधन राज्य में अपराध को बढ़ावा दे रहा है और कानून व्यवस्था को कमजोर कर रहा है, जो कि पुलिस और सुरक्षा बलों के लिए चुनौती बन सकता है।
धालीवाल ने जालंधर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कहा, “अकाली दल ने हमेशा अपने राजनीतिक फायदे के लिए युवाओं को गलत रास्ते पर डाला। पहले आतंकवाद के दौर में युवा नौजवानों को उकसाया गया, ताकि वह उनके खतरनाक एजेंडे का हिस्सा बन सकें। अब वही पार्टी गैंगस्टरों के साथ हाथ मिला रही है, ताकि राज्य में अपराध और हिंसा को बढ़ावा दिया जा सके।” उन्होंने चेतावनी दी कि पंजाब सरकार यदि इस राजनीतिक खेल और गैंगस्टर गठजोड़ (gangster alliances) को रोकने में विफल रही, तो राज्य में फिर से आतंकवाद और संगठित अपराध की स्थिति गंभीर हो सकती है।
कुलदीप धालीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि अकाली दल के नेता राज्य के सुरक्षा बलों और पुलिस से सहयोग नहीं कर रहे, बल्कि उन्हें कमजोर करने के प्रयास में लगे हुए हैं। “यह पार्टी एक बार फिर अपनी सत्ता को बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है, चाहे वह आतंकवादियों या गैंगस्टरों से गठबंधन करने का मामला हो,” धालीवाल ने कहा। उन्होंने इस मुद्दे पर स्पष्ट किया कि पंजाब में बढ़ते आतंकवाद और गैंगस्टरों के बढ़ते प्रभाव से कानून और व्यवस्था (law and order) की स्थिति को खतरा है।
धालीवाल ने यह भी कहा कि राज्य में बढ़ते अपराध की घटनाओं और आतंकवाद के खतरे के बीच, पंजाब सरकार की प्राथमिकता शांति और सुरक्षा बनाए रखना होना चाहिए। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि पंजाब पुलिस को इन आतंकी गतिविधियों और संगठित अपराध से निपटने के लिए कड़ी कार्रवाई करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि पंजाब की शांति और सुरक्षा से जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण विषय है।
अकाली दल के नेताओं ने इन आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि धालीवाल अपने राजनीतिक विरोधियों को बदनाम करने के लिए राजनीतिक खेल खेल रहे हैं। पार्टी के प्रवक्ता ने कहा, “हमने हमेशा पंजाब की शांति और सुरक्षा के लिए काम किया है और आगे भी करते रहेंगे। इस तरह के बेबुनियाद आरोप केवल राजनीतिक खेल का हिस्सा हैं।” उन्होंने कहा कि अकाली दल के नेता राज्य में आतंकवाद और अपराध को बढ़ावा देने का कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं।
राज्य में बढ़ती अपराध की घटनाओं और आतंकवाद के खतरे के बीच इस तरह की राजनीतिक बयानबाजी ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है, जो आगामी चुनावों (elections) के लिए एक और मुद्दा बन सकता है। इस स्थिति से पंजाब में कानून व्यवस्था (law and order) की अहमियत और गैंगस्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का दबाव और भी बढ़ गया है।







