
जालंधर, 12 फरवरी
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज जालंधर स्थित अपने निवास स्थान पर ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम आयोजित कर आम नागरिकों से मुलाकात की और उनकी शिकायतों का मौके पर ही निपटारा किया। एक महीने में दूसरी बार जालंधर पहुंचकर मुख्यमंत्री ने लोगों से सीधा संवाद स्थापित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘लोक मिलनी’ एक ही मंच पर लोगों की समस्याओं के समाधान का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब देश का एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां मुख्यमंत्री स्वयं लोगों से मिलकर उनकी शिकायतें सुनते और उनका समाधान सुनिश्चित करते हैं।
उन्होंने कहा कि यह पहल सरकार और जनता के बीच मजबूत पुल का काम कर रही है और पारदर्शी व जवाबदेह शासन को बढ़ावा दे रही है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार पूरी ईमानदारी से लोगों की हर समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पहल का राजनीति से कोई संबंध नहीं है और सरकार का एकमात्र उद्देश्य राज्य और यहां के लोगों की खुशहाली सुनिश्चित करना है। नौजवानों के सशक्तिकरण का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 63,000 से अधिक युवाओं को बिना भ्रष्टाचार और सिफारिश के नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का हर फैसला आम आदमी के हित में लिया जाता है। शिक्षा क्षेत्र में सुधारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य भर में ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ स्थापित किए गए हैं, जहां स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

शिक्षकों और प्रिंसिपलों को विदेश में प्रशिक्षण के लिए भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि नेशनल अचीवमेंट सर्वे में पंजाब ने पहला स्थान हासिल किया है। स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में उन्होंने कहा कि ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत राज्य के 65 लाख परिवारों को 10 लाख रुपये तक का नकद रहित इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा 881 आम आदमी क्लीनिक मुफ्त इलाज और दवाइयां प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य के लगभग 90 प्रतिशत परिवारों को मुफ्त बिजली दी जा रही है। किसानों के हितों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि धान सीजन के दौरान ट्यूबवेलों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति दी गई और नहरी पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जलमार्गों का पुनर्जीवन किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 49,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों के निर्माण का कार्य प्रगति पर है और 19 टोल प्लाजा बंद किए गए हैं, जिससे लोगों को रोजाना लगभग 64 लाख रुपये की बचत हो रही है। अंत में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य की महिलाओं को 1000 रुपये प्रतिमाह देने की योजना जल्द लागू की जाएगी, जिसके लिए आगामी बजट में प्रावधान किया जाएगा।
उन्होंने दोहराया कि सरकार राज्य के सर्वांगीण विकास और लोगों की खुशहाली के लिए प्रतिबद्ध है।किसानों के लिए सुविधाओं और मजबूत बुनियादी ढांचे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के इतिहास में पहली बार धान के सीजन के दौरान ट्यूबवेलों को दिन में भी आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में 6900 किलोमीटर लंबाई वाले 18349 जल मार्गों को पुनर्जीवित कर टेल पर रहने वाले किसानों को नहरी पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में कई सरकारी लाइब्रेरी खोली गई हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि छात्र अच्छी पढ़ाई-लिखाई करके जीवन में ऊंचे मुकाम हासिल कर सकें। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आज पंजाब हर क्षेत्र में तेजी से तरक्की कर रहा है क्योंकि राज्य सरकार ने पंजाब के सर्वांगीण विकास के लिए हर संभव कदम उठाए हैं। राज्य सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली और अन्य क्षेत्रों में अभूतपूर्व पहलें की हैं।
उन्होंने कहा कि 49,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों के निर्माण का काम पूरे जोर-शोर से चल रहा है, जो जल्द ही पूरा हो जाएगा। जनता के लिए राहत उपायों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पंजाब में 19 टोल प्लाजा बंद कर दिए हैं जिससे आम आदमी की जेब से टोल फीस के रोजाना 64 लाख रुपये की बचत हो रही है। उन्होंने कहा कि सुचारू स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए राज्य भर में 881 आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं जो लोगों को मुफ्त इलाज और दवाइयां प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अब तक राज्य के लोगों से किया हर वादा पूरा किया है। अंत में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अब राज्य सरकार राज्य की हर महिला को 1000 रुपये देने की योजना जल्द लागू करेगी, जिसके लिए आने वाले बजट में आवश्यक प्रावधान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों से किया गया हर वादा हर हाल में पूरा किया जाएगा क्योंकि हमारी सरकार सबकी भलाई के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का एकमात्र एजेंडा राज्य की तरक्की और यहां के लोगों की खुशहाली को सुनिश्चित करना है।








