दीनानगर: Gurdaspur Encounter Case को लेकर आज डीआईजी संदीप गोयल ने एक अहम Press Conference करते हुए पूरे मामले से जुड़े कई बड़े खुलासे किए। उन्होंने बताया कि यह केस पंजाब पुलिस के लिए एक Major Security Challenge था, जिसकी गहराई से जांच के लिए Joint Operation चलाया गया।
डीआईजी ने कहा कि इस हाई-प्रोफाइल केस को सुलझाने में Technical Cell, Batala और Gurdaspur Police की टीमों ने मिलकर दिन-रात मेहनत की। पुलिस की हत्या के इस मामले को लेकर विदेशी एजेंसियां भी सक्रिय थीं और Pakistani ISI Module इस वारदात को अंजाम देने के बाद अपनी पीठ थपथपा रहा था।
आरोपी से हथियार बरामदगी के दौरान पलटी पुलिस गाड़ी, हुआ एनकाउंटर
डीआईजी संदीप गोयल ने बताया कि इस केस में अब तक तीन आरोपियों की पहचान हो चुकी है। इनमें से मुख्य आरोपी रणजीत सिंह को जब पुलिस टीम उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार की बरामदगी के लिए बहरामपुर थाना क्षेत्र ले जा रही थी, तो रास्ते में पुलिस वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गया।
इस दौरान रणजीत सिंह मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। कुछ ही देर बाद पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी पुराना शाला इलाके में छिपा हुआ है। पुलिस ने इलाके को घेर लिया, लेकिन आरोपी ने पुलिस पार्टी पर firing शुरू कर दी। गोली गुरमीत सिंह (CA Staff Incharge, Gurdaspur) को लगी।
जवाबी कार्रवाई में आरोपी ढेर, मुठभेड़ में मौत
पुलिस की retaliatory firing में रणजीत सिंह को गोली लगी और encounter के दौरान उसकी मौत हो गई। डीआईजी ने कहा कि पुलिस ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की और पूरे ऑपरेशन को standard operating procedures (SOPs) के तहत अंजाम दिया गया।
ISI से संपर्क में थे आरोपी, चंद पैसों में किया बड़ा अपराध
डीआईजी ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि रणजीत सिंह और इंदरजीत सिंह दोनों पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के संपर्क में थे। उन्होंने कहा कि यह पूरी साजिश Cross Border Terror Network के तहत रची गई थी और महज कुछ पैसों के लालच में इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया।
तीसरे आरोपी इंद्रजीत सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार raids कर रही है और जल्द ही उसे भी पकड़ लिया जाएगा।
पंजाब पुलिस के लिए बड़ा सुरक्षा अलर्ट
इस पूरे घटनाक्रम के बाद पंजाब में security alert बढ़ा दिया गया है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क के forward-backward linkages की गहराई से जांच कर रही हैं ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी terror-linked criminal activity को समय रहते रोका जा सके।













