जालंधर | पंजाब डेस्क (Jalandhar Robbery Case):
जालंधर के अर्बन स्टेट इलाके में सामने आई 19 लाख रुपये की कथित लूट की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। जांच में सामने आया है कि यह कोई असली robbery case in Jalandhar नहीं था, बल्कि insurance claim fraud हासिल करने के लिए रची गई एक सुनियोजित साजिश थी। पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे मामले की मास्टरमाइंड श्री ज्वैलर से जुड़ी प्रिया वर्मा और उसका पति है। दोनों ने अपने दो वर्करों के साथ मिलकर नकली लूट की स्क्रिप्ट तैयार की थी, ताकि बीमा क्लेम के जरिए बड़ी रकम हासिल की जा सके। पुलिस ने इस साजिश में शामिल दोनों वर्करों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दंपति से भी गहन पूछताछ की जा रही है।
ऐसे रची गई नकली लूट की कहानी
जानकारी के मुताबिक, प्रिया वर्मा ने पुलिस को शिकायत दी थी कि वह बैंक से 17 लाख 10 हजार रुपये कैश withdrawal कर अपने पति के साथ कार से लौट रही थी। जैसे ही वे अर्बन स्टेट इलाके में पहुंचे, अचानक बाइक सवार दो युवकों ने झपट्टा मारकर उनका बैग छीन लिया और मौके से फरार हो गए। शिकायत में दावा किया गया था कि बैग में करीब 20 लाख रुपये मौजूद थे।
घटना के बाद इलाके में police investigation in Jalandhar तेज कर दी गई। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, मोबाइल लोकेशन ट्रैक की गई और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच की गई। जांच में पुलिस को कई ऐसे तथ्य मिले, जिनसे पूरा मामला संदिग्ध प्रतीत होने लगा।
CCTV फुटेज ने खोला राज
सीसीटीवी फुटेज में बाइक सवार संदिग्धों की मूवमेंट, समय और घटनास्थल की परिस्थितियां शिकायत से मेल नहीं खा रही थीं। इसके बाद पुलिस ने दोनों वर्करों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, जहां उन्होंने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, वर्करों ने बताया कि फर्जी लूट की योजना पहले से बनाई गई थी और इसमें दंपति की पूरी सहमति थी। लूट की झूठी कहानी इसलिए गढ़ी गई ताकि insurance fraud case के जरिए लाखों रुपये का क्लेम हासिल किया जा सके।
पुलिस का बयान
जालंधर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि “यह मामला पूरी तरह से pre-planned conspiracy था। बीमा क्लेम के लालच में नकली लूट की कहानी बनाई गई। दोनों वर्करों को गिरफ्तार कर लिया गया है और दंपति की भूमिका की भी गहराई से जांच की जा रही है।”
पुलिस ने संकेत दिए हैं कि आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और झूठी सूचना देने जैसी गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया जाएगा।
फिलहाल, पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है कि कहीं इस तरह की घटनाओं में कोई बड़ा गिरोह तो शामिल नहीं है।








