जालंधर : त्यौहारों से पहले जालंधर शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है। शुक्रवार सुबह नगर निगम यूनियन ने अचानक काम बंद कर दिया और अपने वाहनों को निगम परिसर में खड़ा कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके कारण पूरे शहर में कचरे की लिफ्टिंग रुक गई और सुबह से ही डंप साइटों पर काम ठप रहा। गली-मोहल्लों में कचरे के ढेर लगने से नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
धरना और नारेबाजी
निगम दफ्तर में कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी की और साफ कर दिया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में कर्मचारी और यूनियन पदाधिकारी मौजूद रहे।
कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन, दो दिन का अल्टीमेटम
धरने की जानकारी मिलते ही नगर निगम कमिश्नर संदीप ऋषि मौके पर पहुंचे। यूनियन पदाधिकारियों ने उन्हें मांगपत्र सौंपते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने दो दिन के भीतर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो सोमवार से सभी यूनियनें अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली जाएंगी।
कर्मचारियों की मुख्य समस्याएं
यूनियन नेताओं का कहना है कि लंबे समय से कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी हो रही है।
- जेसीबी ऑपरेटर और जेटिंग मशीन ड्राइवरों को स्थायी करने या डीसी रेट पर रखने की मांग।
- सफाई कर्मियों और सीवरमैन को पदोन्नति देकर स्थायी ड्राइवर बनाना।
- ठेके पर चल रही गाड़ियों के बजाय निगम के अपने वाहन खरीदने की जरूरत।
- पेट्रोल पंप और वर्कशॉप कर्मचारियों की रोटेशन ड्यूटी लागू करना।
- आउटसोर्स कर्मचारियों को स्थायी करना और नई मशीनरी वरिष्ठ कर्मचारियों को देना।
भ्रष्टाचार रोकने की मांग
यूनियन का आरोप है कि निगम में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि यदि मांगों को अनदेखा किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
त्योहारी सीजन में बढ़ी चिंता
धरना स्थल पर सत्री सहोता, पवन अग्निहोत्री, पवन बाबा, गौरव गिल, अनिल सभ्रवाल, हरजीत बोब्बी, बिल्ला सभ्रवाल, गुरबिंदर सिंह बिट्टू, विक्की सहोता, अमर कल्याण, करण थापर और राहुल सभ्रवाल सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे। शहरवासी अब चिंतित हैं कि यदि सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो जाती है तो त्योहारों के दौरान सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो जाएगी और इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा।








