जालंधर, 1 अक्तूबर 2025 — जिले में स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई अब निर्णायक पड़ाव पर पहुंच चुकी है। इसी कड़ी में मॉडल टाउन स्थित चर्चित रैस्टोरेंट “सनी साइड अप” को खाद्य सुरक्षा अधिनियम (फूड सेफ्टी एक्ट) के अंतर्गत दोषी करार देते हुए अदालत ने 20 हज़ार रुपए का आर्थिक दंड लगाया है।
यह फैसला एडीशनल डिप्टी कमिश्नर (जनरल)-कम-एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मैजिस्ट्रेट अमनिंदर कौर की अदालत ने सुनाया। अदालत ने रैस्टोरेंट को दो अलग-अलग धाराओं के तहत दोषी ठहराते हुए 10-10 हज़ार रुपए का जुर्माना सुनिश्चित किया।
जांच और रिपोर्ट
स्वास्थ्य विभाग की फूड सेफ्टी टीम ने 10 अक्तूबर 2024 को रैस्टोरेंट की गहन जांच की थी। इस दौरान टीम ने पनीर और क्यूलिनरी सॉस के नमूने एकत्र किए थे। परीक्षण के लिए भेजे गए दोनों नमूनों की लैब रिपोर्ट असंतोषजनक पाई गई, जो निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरी। इसके बाद विभाग ने संबंधित रैस्टोरेंट के खिलाफ मामला दर्ज कर अदालत में प्रस्तुत किया।
अदालत की कार्यवाही
मामले की सुनवाई के दौरान यह पाया गया कि रैस्टोरेंट प्रबंधन ने अदालत के समन का पालन भी समय पर नहीं किया। कई बार नोटिस जारी होने के बावजूद मालिक और हेड शेफ अदालत में पेश नहीं हुए। मई 2025 में तत्कालीन ए.डी.एम.-कम-ए.डी.सी. विवेक कुमार मोदी ने पुलिस के माध्यम से समन तामील करने के आदेश दिए। इसके बाद जुलाई में प्रतिनिधि कोर्ट में उपस्थित तो हुए, लेकिन लगातार अनुपस्थित रहने पर अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए 24 सितंबर 2025 को अंतिम फैसला सुना दिया।
स्वास्थ्य विभाग का संदेश
फूड सेफ्टी टीम का कहना है कि यह कार्रवाई लोगों को सुरक्षित और गुणवत्ता युक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाने की दिशा में एक अहम कदम है। विभाग ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी मानकों से समझौता करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ इसी तरह कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।








