कम से कम 20 रुपये प्रति किलो MSP निर्धारित करने की मांग ,आलू मिट्टी से भी सस्ते बिक रहे हैं
चंडीगढ़ (Chandigarh News): पंजाब में आलू किसानों का संकट लगातार गहराता जा रहा है। Kirti Kisan Union Punjab ने राज्य सरकार से मांग की है कि Potato MSP in Punjab को तुरंत तय कर government procurement guarantee दी जाए। यूनियन ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि आलू का minimum support price (MSP) कम से कम 20 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया जाए, ताकि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सके।
3–5 रुपये किलो में बिक रहा आलू, किसान बेहाल
किसान नेताओं ने बताया कि इस समय पंजाब के कई इलाकों में आलू 3 से 5 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है, जो कि उत्पादन लागत से भी बेहद कम है। कई स्थानों पर तो हालात इतने खराब हैं कि किसानों को आलू खुदवाने की मजदूरी का खर्च तक नहीं निकल पा रहा। यह स्थिति अब Punjab farmer crisis और potato price crash in India के रूप में गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है।
3 लाख एकड़ में होती है आलू की खेती
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष निरभय सिंह ढूडीके, महासचिव राजिंदर सिंह दीप सिंह वाला और प्रेस सचिव रमिंदर सिंह पटियाला ने बताया कि पंजाब में लगभग 3 लाख एकड़ भूमि पर आलू की खेती होती है। इसके अलावा, देश में उपयोग होने वाले लगभग 60% आलू बीज (potato seed production in Punjab) भी यहीं से सप्लाई होते हैं। इसके बावजूद किसानों को उनकी मेहनत का सही दाम नहीं मिल रहा।
मौसम की मार से बढ़ा आर्थिक संकट
नेताओं ने कहा कि इस वर्ष गन्ना, गेहूं और धान की फसल पहले ही कमजोर रही है, ऊपर से ओलावृष्टि और मौसम की मार ने किसानों की हालत और खराब कर दी है। हालात इतने गंभीर हैं कि फिरोजपुर में हाल ही में एक किसान ने भारी नुकसान के चलते family suicide attempt जैसा कदम उठाने की कोशिश की, जो कि बेहद चिंताजनक है। यह मामला अब Punjab agriculture crisis news में सुर्खियां बन चुका है।
पानी 20 रुपये लीटर, आलू 3 रुपये किलो – बड़ा सवाल
किसान नेताओं ने सवाल उठाया कि जहां कंपनियों का पैक्ड पानी 20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, वहीं किसान का आलू 3–4 रुपये प्रति किलो में भी नहीं बिक पा रहा। बाजार में एक पैकेट potato chips price 20 रुपये तक है, लेकिन किसान को उसकी उपज का न्यूनतम मूल्य भी नहीं मिल रहा। कई इलाकों में किसान आलू को खेत में ही दबाने या नष्ट करने को मजबूर हो सकते हैं।
सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
किरती किसान यूनियन ने आरोप लगाया कि Punjab Government MSP policy पूरी तरह से किसान विरोधी साबित हो रही है। सत्ता में आने से पहले MSP की गारंटी देने वाली सरकार अब अपने वादे से पीछे हट रही है। नेताओं ने मांग की कि आलू के साथ-साथ मटर, गोभी, बासमती और मूंग का भी न्यूनतम समर्थन मूल्य तय कर उनकी सरकारी खरीद सुनिश्चित की जाए।
संघर्ष तेज करने की चेतावनी
यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द Potato MSP guarantee लागू नहीं की तो किसान संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर आलू की बर्बादी पर सरकार ने आंखें मूंदे रखीं, तो उसे किसान विरोधी माना जाएगा।








