पंजाब डेस्क | Punjab Vigilance News: पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए जालंधर जिले के मेहतपुर (Mehatpur, Jalandhar) में तैनात कानूनगो जतिंदर सिंह के भाई परमिंदर सिंह को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार (caught red-handed taking bribe) कर लिया है।
इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। फिलहाल मुख्य आरोपी कानूनगो जतिंदर सिंह फरार है, जिसकी तलाश में विजिलेंस और पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
📌 कैसे हुआ रिश्वतखोरी का खुलासा?
जानकारी के अनुसार, नकोदर (Nakodar) निवासी एक व्यक्ति ने पंजाब विजिलेंस ब्यूरो को शिकायत दी थी कि गांव हरीपुर (Haripur village) में खरीदे गए 12 मरले के मकान की registry और possession दिलाने के बदले उससे रिश्वत की मांग की जा रही है।
शिकायतकर्ता, जो खेती और पुरानी कारों की खरीद-बिक्री का काम करता है, ने बताया कि उसने उक्त मकान की sale deed कानूनी प्रक्रिया के तहत पूरी करवाई थी। कोर्ट का फैसला भी उसके पक्ष में आया, लेकिन इसके बावजूद मकान का कब्जा नहीं दिया जा रहा था।
💰 रिश्वत की डिमांड और रिकॉर्डिंग
पीड़ित ने बताया कि कानूनगो जतिंदर सिंह ने पहले कंप्यूटरीकृत हरबंदी (computerized land record) के नाम पर 15,000 रुपये वसूले। इसके बाद मकान खाली करवाने का नोटिस तो जारी कर दिया, लेकिन कब्जा दिलाने के बदले 1 लाख रुपये रिश्वत की मांग की।
जब शिकायतकर्ता ने मना किया तो आरोपी ने दबाव बनाना शुरू कर दिया। पहली किस्त के तौर पर 10,000 रुपये लिए गए। इस दौरान पीड़ित ने पूरी बातचीत की audio recording कर ली और विजिलेंस ब्यूरो को सौंप दी।
🚨 विजिलेंस ट्रैप ऑपरेशन
शिकायत की पुष्टि के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने trap operation की योजना बनाई। अगली किस्त लेने के लिए कानूनगो ने अपने भाई परमिंदर सिंह को भेज दिया। जैसे ही आरोपी ने 20 हजार रुपये लिए, विजिलेंस टीम ने उसे सरकारी गवाहों की मौजूदगी में रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
👮♂️ मुख्य आरोपी फरार, तलाश जारी
गिरफ्तारी के बाद मुख्य आरोपी कानूनगो जतिंदर सिंह मौके से फरार हो गया। विजिलेंस ब्यूरो की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, मामले में Prevention of Corruption Act के तहत केस दर्ज कर आगे की legal action की जा रही है।
⚠️ भ्रष्टाचार पर सख्त संदेश
यह कार्रवाई पंजाब सरकार की zero tolerance policy against corruption का बड़ा उदाहरण मानी जा रही है। विजिलेंस ब्यूरो का कहना है कि भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।













