जालंधर, 25 अक्टूबर: जालंधर के पठानकोट रोड स्थित राओवाली गांव में प्रस्तावित अस्थायी पटाखा मार्केट को लेकर चल रहा विवाद अब एक नया मोड़ लेता नजर आ रहा है। पटाखा कारोबार से जुड़ी विभिन्न एसोसिएशनों ने राओवाली गांव के सरपंच जसवीर सिंह राणा के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। एसोसिएशनों के सदस्य सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को दोपहर 1 बजे जालंधर के श्री राम चौक (कंपनी बाग चौक) में एकत्रित होंगे। इस दौरान कारोबारी पटाखा मार्केट को लेकर चल रहे विवाद पर अपना पक्ष जनता के सामने रखेंगे।
पटाखा कारोबारी एसोसिएशनों की ओर से जारी सूचना के अनुसार, प्रदर्शन में पटाखा व्यवसाय से जुड़े सभी सदस्यों को शामिल होने की अपील की गई है। आयोजकों का कहना है कि प्रस्तावित पटाखा मार्केट को लेकर पिछले कुछ दिनों से पैदा हुए विवाद और इससे जुड़ी परिस्थितियों के बारे में जनता को विस्तार से जानकारी दी जाएगी। कारोबारियों के अनुसार, मार्केट स्थल को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
दरअसल, जालंधर-पठानकोट रोड पर स्थित राओवाली गांव में लगभग 5.5 एकड़ जमीन पर अस्थायी पटाखा मार्केट स्थापित करने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, गांव की पंचायत की ओर से इस पर आपत्ति जताए जाने के बाद मामला अदालत तक पहुंच गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 23 अक्टूबर को सिविल जज (जूनियर डिवीजन) गुरप्रीत सिंह की अदालत ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए प्रस्तावित स्थान पर पटाखा मार्केट लगाने और संचालित करने पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी थी। मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को निर्धारित बताई गई है।
अदालत के आदेश के बाद पटाखा कारोबारी एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों ने पंचायत के साथ बातचीत के माध्यम से विवाद सुलझाने की इच्छा जताई थी। कारोबारियों ने कहा था कि वे गांव के सरपंच और पंचायत सदस्यों का सम्मान करते हैं तथा सभी आवश्यक सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों के साथ किसी प्रकार के कथित वित्तीय लेनदेन के आरोपों को भी खारिज किया था। कारोबारियों का दावा था कि जमीन से संबंधित भुगतान केवल संबंधित जमीन मालिक और किसान को ही किया गया था।
हालांकि, अब एसोसिएशनों ने सरपंच जसवीर सिंह राणा के खिलाफ सार्वजनिक प्रदर्शन करने का फैसला लिया है। एसोसिएशन की ओर से जारी सूचना में इस बदले हुए रुख के विस्तृत कारणों का उल्लेख नहीं किया गया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि इस बीच कारोबारियों और पंचायत प्रतिनिधियों के बीच कोई नई बातचीत हुई है या नहीं। आयोजकों का कहना है कि धरने के दौरान पूरे घटनाक्रम की जानकारी जनता के सामने रखी जाएगी।
एसोसिएशनों ने अपने सभी सदस्यों से प्रदर्शन में शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज करवाने की अपील की है। आयोजकों का प्रयास है कि पटाखा व्यापार से जुड़े अधिक से अधिक कारोबारी एक मंच पर एकत्रित होकर अपनी समस्याओं और मांगों को सामने रखें। प्रस्तावित मार्केट को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच कारोबारियों की आगामी रणनीति पर भी इस प्रदर्शन के दौरान स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
धरना-प्रदर्शन के बाद जालंधर की विभिन्न व्यापारिक यूनियनों के साथ बैठक करने की योजना भी बनाई गई है। इस बैठक में पटाखा कारोबारियों की समस्याओं और विवाद से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा किए जाने की संभावना है। हालांकि, बैठक में शामिल होने वाली यूनियनों और आयोजन स्थल के संबंध में फिलहाल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
यह सूचना पटाखा कारोबार से जुड़े विकास भंडारी, रवि महाजन, संजीव बाहरी और धीरज कुमार के नाम से जारी की गई है। उन्होंने सभी संबंधित सदस्यों को सोमवार दोपहर 1 बजे श्री राम चौक पहुंचने की अपील की है। एसोसिएशन के प्रतिनिधियों का कहना है कि धरने के माध्यम से कारोबारी अपनी बात सार्वजनिक रूप से रखेंगे।
दूसरी ओर, राओवाली में प्रस्तावित पटाखा मार्केट से संबंधित कानूनी मामला अभी लंबित है। अदालत में अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को होनी है। ऐसे में मार्केट की स्थापना और संचालन से संबंधित कोई भी कदम अदालत के निर्देशों तथा आवश्यक प्रशासनिक अनुमतियों के अधीन रहेगा। सोमवार को प्रस्तावित प्रदर्शन से मौजूदा कानूनी प्रतिबंधों में कोई बदलाव नहीं होगा।
फिलहाल सरपंच जसवीर सिंह राणा की ओर से धरने के ऐलान पर कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी है। अब सभी की नजरें 26 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शन और 29 अक्टूबर को निर्धारित अदालती सुनवाई पर रहेंगी। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो सकेगा कि कारोबारी एसोसिएशनों और गांव की पंचायत के बीच चल रहा विवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है।
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