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जालंधर Monu Betting Case : प्राइवेट गाड़ी विवाद में पुलिसकर्मियों पर होगी कार्रवाई ACP करनैल सिंह ने दिया बड़ा बयान

जालंधर के Monu Betting Case में प्राइवेट गाड़ी इस्तेमाल करने का मामला नया मोड़ ले चुका है। ACP करनैल सिंह ने संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी।

जालंधर Monu Betting Case में निजी गाड़ी विवाद पर ACP करनैल सिंह का बयान, संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
जालंधर Monu Betting Case में निजी गाड़ी विवाद पर ACP करनैल सिंह का बयान, संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
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जालंधर, 11 अक्टूबर 2026 (The Jalandhar Times): जालंधर के फगवाड़ा गेट इलाके से जुड़े Monu Betting Case में गिरफ्तार व्यक्तियों को मेडिकल जांच के लिए निजी गाड़ी में ले जाने का मामला अब पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई तक पहुंच गया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और वाहन मालिक की ओर से सवाल उठाए जाने के बाद जालंधर पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। ACP Headquarters करनैल सिंह ने पुष्टि की है कि संबंधित पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और कानून व विभागीय नियमों के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

जानकारी के अनुसार, थाना डिवीजन नंबर 3 की पुलिस टीम ने फगवाड़ा गेट इलाके में कथित सट्टेबाजी से जुड़े मामले में कार्रवाई की थी। इस दौरान कई व्यक्तियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। बाद में गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों को मेडिकल जांच के लिए ले जाते समय पुलिस कर्मचारियों ने एक निजी वाहन का इस्तेमाल किया। इसी घटनाक्रम से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे।

इस मामले में ACP करनैल सिंह PPS ने बताया कि थाना डिवीजन नंबर 3 की पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार व्यक्तियों को मेडिकल जांच के लिए ले जाते समय प्राइवेट गाड़ी इस्तेमाल किए जाने की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है और संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।

इससे पहले The Jalandhar Times ने अपनी रिपोर्ट में निजी गाड़ी के मालिक जशनदीप सिंह की ओर से उठाए गए सवालों को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जशनदीप सिंह ने आरोप लगाया था कि पुलिस कर्मचारियों ने उनसे वाहन मांगा था और वह चालक के साथ गाड़ी देने के लिए तैयार हो गए थे। हालांकि, उनके अनुसार बाद में चालक को वाहन से उतार दिया गया और पुलिस कर्मचारी खुद गाड़ी लेकर चले गए। उन्होंने बताया था कि वाहन में उनके निजी दस्तावेज और अन्य सामान भी मौजूद थे।

वाहन मालिक ने सवाल उठाया था कि यदि पुलिस द्वारा इस्तेमाल किए जाने के दौरान गाड़ी के साथ कोई दुर्घटना हो जाती या उसमें रखे सामान को नुकसान पहुंचता तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता। इस घटनाक्रम के बाद निजी वाहन के इस्तेमाल की अनुमति और पुलिस कर्मचारियों की जवाबदेही को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी।

अब जालंधर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी का बयान सामने आने से मामले में नया घटनाक्रम जुड़ गया है। ACP करनैल सिंह ने संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात कही है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कार्रवाई कितने पुलिसकर्मियों के खिलाफ हो रही है और क्या किसी कर्मचारी के विरुद्ध निलंबन या अन्य विभागीय दंड का आदेश जारी हुआ है।

जालंधर पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब नजर इस बात पर रहेगी कि जांच में निजी वाहन इस्तेमाल करने की परिस्थितियों और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका को लेकर क्या निष्कर्ष निकलता है। मामले में आगे होने वाली विभागीय कार्रवाई और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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